July 5, 2022

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शेखावाटी में बढ़ रहा है डेंगू के साथ वायरल बुखार का प्रकोप सर्दी आने तक कीजिये बचाव

डेंगू मरीजों में तेज बुखार होता है। तेज पेट दर्द के बाद अगर बीपी गिरने लगे तो चिकित्सक इसे शाक सिंड्रोम का लक्षण मानते हैं। वहीं, भूख न लगने से मरीज खाना छोड़ देते हैं, मुंह का स्वाद खराब रहने से पानी कम पीते हैं। उल्टी से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैंलेंस गड़बड़ाने से मरीज की मांसपेशियों में कमजोरी आती है। बारिश के मौसम में अपच करने वाले माइक्रोआर्गनिज्म बढ़ जाते हैं|कई मरीज ओपीडी में बेहोश हो जा रहे हैं।

बुखार, तेज दर्द, आंख में दर्द और उल्टी जैसे लक्षण तीन दिन बाद भी रहें तो मलेरिया, डेंगू व टायफायड की जांच कराएं।

प्लेटलेट गिरने पर घबराएं नहीं

-प्लेटलेट ब्लड का एक कंपोनेंट है, जो इसे गाढ़ा रखता है। ब्लड में न्यूनतम 1.5 लाख प्रति मिलीग्राम मात्रा प्लेटलेट की होनी चाहिए। लेकिन प्लेटलेट 20 हजार भी आ जाए तो घबराएं नहीं। बस, बीपी न गिरने पाए।

शाक सिंड्रोम

डेंगू मरीजों में शाक सिंड्रोम जानलेवा है। आंतरिक ब्लीडिंग, बीपी गिरने एवं हाथ-पांव ठंडे पडऩे के लक्षण खतरनाक हैं। लिवर और किडनी में सूजन बढ़ जाती है। लक्षण आधारित इलाज किया जाता है

खान पान में ये रखें ध्यान

-डेंगू या वायरल बुखार के मरीज खूब पानी व ओआरएस घोल पीएं, जिससे उनके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहे। पतली खिचड़ी, दाल, व तरल पेय लें। तला भुना खाना न खाएं। दवाओं में पेनकिलर जरूरी होने पर ही लें।